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India news 007
MCB, District Buro Rajjak ali Reporting
एमसीबी। कलेक्टर डी राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत ब्लॉक मनेंद्रगढ़, सी.एच.सी. मनेन्द्रगढ़, जिला न्यायालय, स्कूल, तहसील कार्यालय परिसर एवं खोँगापानी क्षेत्र में स्थित किराना, चाय दुकान, गुमठियो, दुकानों, पान दुकानों में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) कोटपा एक्ट अंतर्गत तहसीलदार श्रुति धुर्वे के नेतृत्व में जिला प्रवर्तन दल द्वारा चलानी कार्यवाही की गई। उक्त दल में राजस्व विभाग के तहसीलदार श्रुति धुर्वे, माल जमादर बलवंत सिंह यादव,एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता, औषधि निरीक्षक आलोक मिंज औषधि निरीक्षक विकास लकड़ा,स्वास्थ्य विभाग के सुश्री लक्ष्मी रजक एवं पुलिस विभाग के हेमन्त सिंह के संयुक्त टीम द्वारा यह कार्यवाही की गई।
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सीएचसी मनेन्द्रगढ़, जिला न्यायालय, स्कूल, तहसील कार्यालय परिसर एवं खोँगापानी क्षेत्र में स्थित किराना, चाय दुकान, गुमठियो, दुकानों, पान दुकानों में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद बिना चेतावनी चिन्ह के तम्बाकू पदार्थों को बेचा जा रहा था। उक्त प्रतिष्ठानों के द्वारा कोटपा एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं किये जाने अनुसार कोटपा एक्ट की धारा 4 एवं 6 अंतर्गत कुल 12 चालान एवं 1850 रुपये की चालानी कार्यवाही की गई। साथ ही दुकानदारों को प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए गठित कानून के बारे में भी जानकारी दी गई। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाये जाने के तहत चालानी कार्रवाई की गई है। साथ ही चालानी का उद्देश्य कोटपा अधिनियम 2003 धाराओं को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लागू करना है ।
दुर्भाग्य की बात यह है कि हम किसी भी सामान खरीदते हैं तो उसकी एक्सपायरी डेट चेक करते हैं जबकि नशे के उत्पादों में साफ-साफ लिखा रहता है । आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है फिर भी तंबाकू से बने प्रोडक्ट किसी भी दुकान में आसानी से मिल जाते हैं। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत ब्लॉक मनेंद्रगढ़,
कार्रवाई के दौरान पान स्टाल पर बिना चेतावनी चिन्ह के तम्बाकू पदार्थों को बेचा जा रहा था। इस संबंध में प्रतिष्ठानों के मालिक सहित वहां पर आए लोगों को भी कोटपा एक्ट 2003 के बारे में जागरूक कराया गया।